गरीबी

गरीबी गरीबी को जन्म देती हैं उपरोक्त कथन लेनिन ने दिया हैं जिसका तात्पर्य हैं गरीबी एक अभिशाप हैं जो पीढी दर पीढी को अपने आगोश में जकरे रहती हैं। पर ऐसा नहीं हैं कि इससे इंसान मुक्त नहीं हो सकता। पीढी दर पीढी की गरीबी को मिटाने के लिए संधर्ष और साहस की जरूरत हैं। अशिक्षा भी ग़रीबी का एक कारण हैं शिक्षा के अभाव में हम बहुत सारे अवसरों को खो देते हैं। शिक्षित इंसान के पास संभावनाओं की कोई कमी नहीं होती है।और उन संभावनाओं को एक अवसर के रूप में उपयोग कर सकता है। अवसर मिलते हैं वह खुद को अपने परिवार को अपने समाज को गरीबी से मुक्त करा सकता है।

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