किसी के काम जो आये उसे इंसान कहते है ,
पराया दर्द अपनाये उसे इंसान कहते है।
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आज उसने एक बात कहकर मुझे रूला दिया… जब दर्द बरदाश नही कर सकते तो मोहब्बत क्यों की..!!
*** Dard Shayari
ये कलम भी कमबख्त बहुत दिलजली हैं। ?
जब जब भी मुझे दर्द हुआ ये खूब चली हैं
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“ना तस्वीर है उसकी जो दिदार किया जाऐ,
ना पास है वो जो उससे प्यार किया जाऐ,/
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“दर्द-ए-दिल” एक ऐसा ब्लॉग है जहाँ दिल की भावनाएँ, अनकहे जज़्बात और जीवन की संवेदनाएँ शब्दों में बयां की जाती हैं। यहाँ आपको कविताएँ, शायरी, और लघु रचनाएँ मिलेंगी, जो प्रेम, तन्हाई, उम्मीद और जिंदगी की झलक दिखाती हैं। हर पोस्ट आपके दिल को छूने और सोचने पर मजबूर करने वाली होती है।
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