अस्तित्व
तेरा अस्तित्व मुझे से हैं
तू मेरे द्वारा बनाई एक
अबूझ पहेली है
तेरी हर ख्वाहिश पूरी होती है मुझसे
मैं हु तो ही तू हैं
इसलिए मैं तेरा अस्तित्व नहीं
“दर्द-ए-दिल” एक ऐसा ब्लॉग है जहाँ दिल की भावनाएँ, अनकहे जज़्बात और जीवन की संवेदनाएँ शब्दों में बयां की जाती हैं। यहाँ आपको कविताएँ, शायरी, और लघु रचनाएँ मिलेंगी, जो प्रेम, तन्हाई, उम्मीद और जिंदगी की झलक दिखाती हैं। हर पोस्ट आपके दिल को छूने और सोचने पर मजबूर करने वाली होती है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें