शायरी
@ तलब- ए- इश्क की जाती नहीं
मिल जाए कोई तुम -सा तो बात बने@@
@तू देख तो सही हम अभी भी
तेरे पाने की भ्रम में खुद को
किस तरह भुलाये बैठे हैं@@
@तु जा तेरा याद ही काफी हैं
तेरी हर गुनाह के लिए मेरी
- बेपनाह मुहब्बत ही काफी हैं@@
“दर्द-ए-दिल” एक ऐसा ब्लॉग है जहाँ दिल की भावनाएँ, अनकहे जज़्बात और जीवन की संवेदनाएँ शब्दों में बयां की जाती हैं। यहाँ आपको कविताएँ, शायरी, और लघु रचनाएँ मिलेंगी, जो प्रेम, तन्हाई, उम्मीद और जिंदगी की झलक दिखाती हैं। हर पोस्ट आपके दिल को छूने और सोचने पर मजबूर करने वाली होती है।
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