दर्द - ए - दिल
*हर लम्हा उसकी इंतजार में बीत गया
मैं नासमझ इश्क के व्यापार में बिक गया
हमने शर्ते क्या रख दी मुहब्बत में मुस्कुराने की
उसने मुस्कुरा कर हमसे हमारी जान ही मांग लिया**
“दर्द-ए-दिल” एक ऐसा ब्लॉग है जहाँ दिल की भावनाएँ, अनकहे जज़्बात और जीवन की संवेदनाएँ शब्दों में बयां की जाती हैं। यहाँ आपको कविताएँ, शायरी, और लघु रचनाएँ मिलेंगी, जो प्रेम, तन्हाई, उम्मीद और जिंदगी की झलक दिखाती हैं। हर पोस्ट आपके दिल को छूने और सोचने पर मजबूर करने वाली होती है।
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