दर्द - ए - दिल

*हर लम्हा उसकी इंतजार में बीत गया
मैं नासमझ इश्क के व्यापार में बिक गया
हमने शर्ते क्या रख दी मुहब्बत में मुस्कुराने की
उसने मुस्कुरा कर हमसे हमारी जान ही मांग लिया**

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