शायरी


 

सिलसिला ए चाहत का यूं ही बनाएं रखिए
दूर रहे या पास हमारी यादें अपने पास रखिए
चाहते हैं दिलों जान से इस बात का एहसास रखिए
मिल जाऊ तो पास न मिलु तो मुझे अपने आसपास रखिए

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