"फूट डालो और राज करो"

"फूट डालो और राज करो"
    अंग्रेजो यही नीति ने हमें सैकड़ो वर्षों तक गुलाम रखा। उनसे तो हमने बरसों संघर्ष करके,आंदोलन करके,प्राणों की आहुतियां देकर मुक्त हो गए। अंग्रेज तो यहां से चले गए पर उनकी ये विचारधारा ( फूट डालो और राज करो) हमारे समाज में अब भी मौजूद है। जिसके चलते परिवार, समाज और देश में मतभेद होते हैं और यह अलगाववाद की स्थिति लाती है।


  इस विचारधारा के चलते आज अलगाववाद की स्थिति लगभग हर क्षेत्र में व्याप्त हैं। देश की राजनीति हो या सरकारी संस्थान हो यहां तक कि शैक्षणिक संस्थान को भी नहीं छोड़ते हैं इस प्रवृति के लोग। ये अलगावबाद कभी जाति के नाम पर किए जाते हैं तो कभी धर्म के नाम पर। कभी-कभी ये गरीबी- अमीरी के नाम पर भी एक दुसरे को अलग करने का काम करते हैं। अपना प्रभुत्व कायम रखने के लिए ऐसे सोच के लोग एक-दुसरे को लड़वाकर अपना उल्लू सीधा करने में लगे रहते हैं।


ऐसी मानसिकता के लोगों से हमें खुद को बचाना चहिए। और अपने समाज को सचेत करते हुए :-
       " हंसों के बीच छुपे बगुलों से
          हमेशा सावधान रहना चाहिए।"

तभी तो हम स्वयं का विकास कर अपने परिवार, समाज और देश का विकास कर पायेंगे।

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