अमीरी से गरीबी.......


  " सचमुच अमीरी की कब्र पर पनपी हुई गरीबी 
                बड़ी ही जहरीली होती है।"
 प्रस्तुत पंक्ति शिवपूजन 'सहाय' जी की कहानी " कहानी की प्लाट" का हैं। अगर हमलोग अपने आसपास गौर करे तो ऐसा देख सकते है। जो गरीब होते है वे तो आसानी से कोई भी काम करके अपना गुजारा कर लेते हैं। पर वे लोग जो अमीरी से गरीबी की दलदल में आते हैं उनका जीना मुश्किल हो जाता हैं। वे जीवकोपार्जन के लिए कोई काम करने से पहले सोचते है। उन्हें इस बात की चिंता होती हैं कि लोग क्या कहेंगे? और कहेंगे क्या लोग तो कहते ही हैं। कभी कभी तो ऐसा भी होता है कि उन्हें कोई काम नहीं देता है। और खिलाई भी उड़ाते हैं। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति पाल-पाल घुटता रहता है टूटता रहता
हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह संसार परिवर्तनशील है यहां कुछ भी अस्थाई नहीं है वह जो आज अमीर है वह हमेशा अमीर ही बने नहीं रहेंगे ।और जो गरीब है वह हमेशा ही गरीब नहीं रहेंगे।  जो लोग इस रहस्य को जान लेते हैं उन पर किस बात का असर नहीं पड़ता है कि वे गरीब है या अमीर। लोग इस सत्य को नहीं स्वीकार करते हैं वह इस पीड़ा को झेलते हैं।

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