मौत पर ज़िंदगी भारी

 वो कहते है न किसी के चले जाने से जिदंगी रुक नहीं जाती। हां मगर किसी के जाने से जिंदगी बदल जरूर जाती हैं। एक मौत कई जिंदगियों को प्रभावित कर देती है। कई बार तो एक मौत कई जिंदगियों पर भारी पड़ती है। अपने आसपास आप गौर करेंगे तो पाएंगे की किसी परिवार में किसी की अकस्मात निधन से परिवार से अन्य लोगों की जिंदगी में बहुत सारी परेशानियां आ जाती हैं। कई बार तो ये परेशानियां इतनी बढ़ जाती हैं की कई जिंदगियां एक मौत के पीछे खतम सी होने लगती है। बस सांसे लेना ही तो ज़िंदगी नहीं होती न। लोग कहते है कि ज़िंदगी बड़ी खूबसूरत होती हैं, इसके हर पल को जीना चहिए। ये बस कहने की बात होती है। ज़िंदगी की खूबसूरती उस मजदूर से पूछी जाएं जिसे दिनभर जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी दो जून की रोटी मुकम्मल नहीं होती हैंl जीवन एक संघर्ष हैं। जीवन में संघर्ष होना जरूरी है। पर अगर संघर्ष में जीवन हो तो वैसा जीवन बोझ सा लगने लगाता है। 

हाल की ही घटना हैं मेरे पड़ोस में रहने वाले एक अधेड़ उम्र के अंकल का सड़क दुर्घटना में मौत हो गई l  उनके परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नीऔर चार बच्चे हैं। अजीवका के नाम पर वो गांव से हर रोज शहर जा कर मजदूरी करते थे। इसके अलावा उनके पास कुछ जमीन है जिससे साल भर खाने के लिए अनाज उपजा लेते थे। बच्चे अभी उस लायक नहीं की कुछ कर के उनके न रहने पर घर के मूल जरूरत को भी पूरी कर पाए। उनके मौत के कुछ ही दिन बाद ही बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया। उनकी पत्नी ने अपनी जमीन को गिरवी रख कर उनका श्राद्ध करवा दिया। अब वह दुसरे के खेतों में मजदूरी करके बच्चे को पेट भरने की कोशिश कर रही हैं। अतः एक मौत  कई जिंदगियों पर भारी पड़ गई।😔😔😔

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