एक अरसे से मैं... ।।।
एक अरसे से मैं मुस्कुराई नहीं हू
बातें दिल की किसी को बताई नहीं हू
इश्क करके भी तुझको कभी जताई नहीं हू
पाया बहुत कुछ मगर कभी इतराई नहीं हू
मुश्किलों में रह कर भी कभी घबराई नहीं हू
बेशक!मुफ़लिस हूं मैं पर हरजाई नहीं हू
कई सवाल है अंगुली किसी पर उठाई नहीं हू
खामोशी ओढ़ कर कई राज दफन किए है मैंने
बेवफाई का इल्जाम तुमपे कभी लगाई नहीं हू
मेरी खामोंशी पर यूं सवाल न करो यारों
किसी की खामियों पर मैं कभी चिल्लाई नहीं हू
एक अरसे से मैं मुस्कुराई नहीं हू.......



Maanna prega miss kya likhe hai....🦋
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