तुम मुझे लौटा सकते हो.........
तुम मुझे लौटा सकते हो
वो पल......
जिसमें तुम सिर्फ मेरे थे
वो कल......
जिसमें मैं सिर्फ खुद की थी
वो कसमें.....
जो खाई थी प्रेम में तेरे लिए
वो सफर.....
जिसमें तुम साथी बने मेरे
वो शहर......
जहां मेरे अपने बसते थे
वो उम्मीदें......
जिसे तुम पूरे नहीं कर पाए
वो खुशी........
जो तुम कभी दे नहीं पाए
वो वफ़ा........
जो मैंने तुझ जाया किया हैं
वो आंसू......
जो तेरे विरह में बहाए हैं
शायद नहीं दे सकते
इनमें से कुछ भी
फिर ले जाओ सारी यादें
जो मुझे वेदना से भर देती हैं
By:- Ruby singh



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