"हौले से अलविदा कह दो"
नम आंखों से विदाई दे दो
अपने इश्क से मुझे रिहाई दे दो
जुदाई अब सहा नहीं जाता
अपनी खुदगर्जी पर कुछ तो सफाई दे दो
"हौले से अलविदा कह दो"
मैंने कब कहा —
कि दिल की क़ैद से मुझे रिहा कर दो,
मैंने तो बस इतना ही कहा —
कि अगर मैं तेरे क़ाबिल नहीं,
तो मुझे विदा कर दो।
मुहब्बत अब
जज़्बातों का खेल बन गई है जनाब,
अगर जी भर गया है मुझसे,
तो कोई शिकवा नहीं,
बस हौले से...
मुझे अब अलविदा कह दो।


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