परिवर्तन और भावनाएं
हमने माना,
समय के साथ बहुत कुछ बदलता है,
क्योंकि परिवर्तन तो
प्रकृति का शाश्वत नियम है।
पर सब कुछ नहीं बदलता—
नहीं बदलता जीव का वह स्वभाव
जो चिरकाल से
उसकी भावनाओं में बसा है।
खुश होने पर
सयाने हँसते, मुस्कुराते हैं,
और बच्चे खिलखिलाते हैं।
दर्द में सबके आँसू एक से झरते हैं।
विश्व चाहे
सैकड़ों देशों के मानचित्र में बँट जाए,
भाषाएँ बदल जाएँ,
पर हर जीव में
भावनाएँ आज भी एक हैं।



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