कहवा गईल ए सजनवा मोह से नैना लड़ाईके 2
नैना लड़ाईके मोर जीयरा चुराइके के 2
कहवा गईल ए सजनवा मोह है नैना लड़ाईके
जोहिले बाट हम दिन आउर राती
के से कही हम दिलवा के बाती
छोड़ गईल काहे मोर सवारियां
न कहूं बुझे मोर दरदीया
“दर्द-ए-दिल” एक ऐसा ब्लॉग है जहाँ दिल की भावनाएँ, अनकहे जज़्बात और जीवन की संवेदनाएँ शब्दों में बयां की जाती हैं। यहाँ आपको कविताएँ, शायरी, और लघु रचनाएँ मिलेंगी, जो प्रेम, तन्हाई, उम्मीद और जिंदगी की झलक दिखाती हैं। हर पोस्ट आपके दिल को छूने और सोचने पर मजबूर करने वाली होती है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें