"शिक्षा का असली अर्थ"
केवल वही शिक्षक नहीं होते,
जो थमा दें किताबों का ज्ञान।
वे तो दिला देते हैं इम्तिहानों में जीत,
पर असल इम्तिहान तो देता है जीवन हर मोड़ पर।
जब मुश्किलें पूछती हैं सवाल,
तो किताबों के उत्तर कहाँ आते हैं याद?
शिक्षा का असली उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं,
जीना सीखना है—सम्मान से, सलीके से।
और जिनके सबक
जीवन की कठिनाइयों में थाम लें हमारा हाथ,
वही सही मायनों में
हमारे शिक्षक कहलाते हैं।



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