मैं नारी हूँ।
वाणी में मधुरता हो,
स्वभाव में सहनशीलता हो —
क्योंकि मैं नारी हूँ।
व्यवहार में विनम्रता हो,
विचारों में संवेदनशीलता हो —
क्योंकि मैं नारी हूँ।
हृदय में करुणा हो,
कर्म में धर्मनिष्ठा हो —
सत्य से हो मित्रता,
चरित्र में हो पवित्रता —
क्योंकि मैं नारी हूँ।
चेहरे पर सौम्यता हो,
भावों में कोमलता हो —
क्योंकि मैं नारी हूँ।
मैं ही परिवार का आधार हूँ,
मुझ पर ही टिका है सम्मान —
परिवार का, समाज का, और देश का।
क्योंकि — मैं नारी हूँ।🙏🥰



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