संदेश

🌸 शब्दों में छिपा अपनापन 🌸

🌹 इश्क की इबादत 🌹

🌅 अब तुम कहाँ हो? 🌅

चर्चा

"मेरी अनिवार्यता का अंत"

सपनों की नगरी ✍️

"युगों से चुप हूँ मैं..."

इंसान का इंसान होना जरूरी है

"हारते हैं लोग ज़िंदगी से?"

"मैं हूं — वक़्त!"