संदेश

"हारते हैं लोग ज़िंदगी से?"

"मैं हूं — वक़्त!"

🌙✨ "कभी फुर्सत हो तो मुझे याद करना..."🌙

🌅 अब तुम कहाँ हो? 🌅

🌙✨ खामोशी की जुबान ✨🌙

✨ अगर आदमी जानवर होता...

आंसुओं की भाषा

लानत है

🌟 चलो उजाले की ओर 🌟

तुम मुझे लौटा सकते हो.........

"प्रिय, मैं फँसी मझधार में..."